मिट्टी से उड़ान.💖
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श्रीधर इस संक्रमण कालीन समय में ठीक उसी प्रकार हो गया। जैसा कि उसके दोस्त थे।
वर्तमान तथा तात्कालिक समय में लड़के स्नातक में जिस प्रकार होते हैं स्वाभाविक था कि उसी प्रकार की झलक अब श्रीधर में भी दिखने लगी।
वो खुद में सबसे ऊर्जावान, सबसे बलशाली , मजबूत, सब कुछ करने की खूबी को अपनी दिव्य शक्ति समझने लगा।
ये सभी तत्व सिर्फ एक ही क्रियाओं से नहीं आते बल्कि इसके लिए और कुछ महत्वपूर्ण कारण जिम्मेदारी है जो कि उम्र का है।
18 से 21 की उम्र लड़कों को बहुत कुछ देके जाती है।
खुशी, ग़म, अपनापन, अकेलापन, खामोशी, संघर्ष, किसी के लिए कुछ भी कर देने की चाह, गुस्सा, सबसे दूर रहना सब कुछ,
लेकिन जैसे ही 21 उम्र पार ही होती है लड़कों का सुखमय जीवन पूरी तरह से विलुप्त हो चुका होता है।
अब उन्हें अपने विचारों और वाक्यों को ध्यान से बोलना करना होता है।
श्रीधर स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने गांव लौट तो उसका हाल चाल गांव से बिल्कुल भिन्न था
पर फिर भी था तो गांव की ही और वह में फिर खुद समाहित कर लिया। अब उसके भाई सोचने लगे कि श्रीधर किस प्रकार से जीवन यापन करेगा क्योंकि उसके पढ़ाई वो आयात नहीं हुआ जो एक आम ग्रामीण परिवार चाहता है।
उसने श्रीधर की बहुत इच्छा थी कि वो अध्यापन में आगे करे पर पूंजी को अपर्याप्तता के कारण नहीं कर सका
❤️❤️❤️
आगे का चरण आपके लिए मई माह के अंत तक उपलब्ध करवाया जाएगा और सभी चरण जल्दी जल्दी कराए जाएंगे
चरण उपलब्ध करवाने में हुए देर के कारण क्षमा चाहते हैं
ऐसे ही पढ़ते रहे........💯💯
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धन्यवाद......❤️


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