एक ग्रामीण बच्चे का जीवन अखरोट रूपी फल की तरह होता है जो ऊपर से समस्याओं जैसा जो कठोर होता तथा अंदर से एक लाभदायक फल होता है ग्रामीण जीवन कुछ महत्वपूर्ण कारणों से समस्या झेलता है तथा कुछ कारणों से उसे लाभ होता है
ग्रामीण परिस्थितियों के बीच घिरा बच्चा
इस पृथ्वी पर सभी बच्चों के विचार, पसंद, नापसंद, सब में अंतर होता है
कुछ बच्चों को जो पसंद होता है उसे उसकी परिस्थिति नहीं मिलने देती
जैसे एक गरीब बच्चा जो एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से तालुक रखता हो। तथा उसके उसके आस पास के वातावरण भी उसी प्रकार हो जो एक आम शहरी बच्चे से बिल्कुल ही भिन्न है।
जब वह बच्चा आगे जाता है किसी भी प्रोफेशन को फॉलो करता है। उसे वह समस्या एक शहरी बच्चे के मुकाबले अधिक झेलनी पड़ती है।
जैसे कंपटीशन एग्जाम को ही ले ले
एक शहरी बच्चे को जिसके माता पिता खुद एक अच्छे जॉब में हो
उन्हें यह इनकी जानकारी आसानी से मिल सकती है
जैसे अभिभावकों द्वारा, आस पास का माहौल, टीवी न्यूज चैनल
परंतु इसके बिल्कुल विपरीत एक ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे के ऐसा कुछ नहीं होता है
जो आगे जाकर उनकी असफलताओं के मंत्रिमंडल में अपनी जगह बना लेते है
आर्थिक समस्या
एक ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे को सबसे मुख्य समस्या उसका आर्थिक रूप से पिछड़ा होना है
जो उसको अन्य शहरी बच्चों के मुकाबले पीछे खींचता है
जागरूकता का अभाव
कई बच्चे जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से होते हैं उन्हें आधारभूत जानकारी नहीं होती है तथा अपने विचारों से पिछड़ों होते हैं
जैसे एक सवर्ण ग्रामीण बच्चा जो अपने साथ के पिछड़े बच्चों के साथ भेदभाव करने लगता है
शैक्षिक रूप से पीछे
ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे को उन शैक्षिक संस्थाओं तक पहुंच नहीं मिल पाती जो उन्हें शहरी बच्चे से मुकाबला करवा सके
परंतु इन सभी कारणों के बावजूद के ग्रामीण बच्चे का जीवन सुखमय होता है
शारीरिक समस्याओं से आसक्त
देखा जाए तो शहरी बच्चों की अपेक्षा ग्रामीण बच्चे अधिक शारीरिक योग्य होते हैं
गांव का देशी भोजन जो शहरों के फास्ट फूड के मुकाबले अधिक पोषक तत्वों से भरा होता है
बीमारी की कमी
ग्रामीण लोगों में बीमारी की संभावना शहरी लोगों से कम होती है हालांकि शहरों में होने वाले प्रदूषण उन्हें और भी कमजोर कर देता है
जीवन प्रत्यास्था
आज भी एक ग्रामीण पृष्ठभूमि के व्यक्ति शहरों के अपेक्षा अभी जीवन व्यतीत करते हैं
संस्कृति का बचाव
आज भी सांस्कृतिक कार्यों में शहरों के मुकाबले गांव काफी आगे है
कुल मिलाकर कहे तो गांव का जीवन एक सुकून का जीवन है जो बिना किसी मानसिक समस्याओं के आसानी से व्यतीत किया जा सकता है
आगे हम ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे के जीवन के कुछ महत्वपूर्ण कार्यों तथा शहरों से आने वाली समस्यायों के बारे में चर्चा करेंगे