Monday, April 28, 2025

मिट्टी से उड़ान.💖

                 (3)



श्रीधर इस संक्रमण कालीन समय में ठीक उसी प्रकार हो गया। जैसा कि उसके दोस्त थे।
वर्तमान तथा तात्कालिक समय में लड़के स्नातक में जिस प्रकार होते हैं स्वाभाविक था कि उसी प्रकार की झलक अब श्रीधर में भी दिखने लगी।
वो खुद में सबसे ऊर्जावान, सबसे बलशाली , मजबूत, सब कुछ करने की खूबी को अपनी दिव्य शक्ति समझने लगा।
ये सभी तत्व सिर्फ एक ही क्रियाओं से नहीं आते बल्कि इसके लिए और कुछ महत्वपूर्ण कारण जिम्मेदारी है जो कि उम्र का है।
18 से 21 की उम्र लड़कों को बहुत कुछ देके जाती है।
खुशी, ग़म, अपनापन, अकेलापन, खामोशी, संघर्ष, किसी के लिए कुछ भी कर देने की चाह, गुस्सा, सबसे दूर रहना सब कुछ,
लेकिन जैसे ही 21 उम्र पार ही होती है लड़कों का सुखमय जीवन पूरी तरह से विलुप्त हो चुका होता है।
अब उन्हें अपने विचारों और वाक्यों को ध्यान से बोलना करना होता है।
श्रीधर स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने गांव लौट तो उसका हाल चाल गांव से बिल्कुल भिन्न था 
पर फिर भी था तो गांव की ही और वह में फिर खुद समाहित कर लिया। अब उसके भाई सोचने लगे कि श्रीधर किस प्रकार से जीवन यापन करेगा क्योंकि उसके पढ़ाई वो आयात नहीं हुआ जो एक आम ग्रामीण परिवार चाहता है।
उसने श्रीधर की बहुत इच्छा थी कि वो अध्यापन में आगे करे पर पूंजी को अपर्याप्तता के कारण नहीं कर सका 

                            ❤️❤️❤️





आगे का चरण आपके लिए मई माह के अंत तक उपलब्ध करवाया जाएगा और सभी चरण जल्दी जल्दी कराए जाएंगे 
चरण उपलब्ध करवाने में हुए देर के कारण क्षमा चाहते हैं 
ऐसे ही पढ़ते रहे........💯💯
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धन्यवाद......❤️

Friday, April 18, 2025

मिट्टी से उड़ान.💖

                       (2)


श्रीधर की इंटरमीडिएट की परीक्षा से उत्तीर्ण होने के पूर्व से ही उसे वैज्ञानिक विषयों मे अधिक रुचि थी। जो आपने संगत के बच्चों के विचारों के समुच्चय से बना विचार था। और ऐसा अमूमन देखा जाता है कि आपके कक्षा के साथी जिस प्रकार की रुचि रखते हैं भविष्य में वे जो करना करना चाहते है वो आपके विचारों में भी घुल जाता है।
श्रीधर की प्रारंभिक शिक्षा भले ही गांव के नजदीकी संस्थानों में हुए हो परन्तु वह शहरी जन जीवन से बिल्कुल कटा हुआ नहीं था।
उत्तीर्ण होने के पश्चात् श्री बेनी कुमार ने उसकी शिक्षा में शुरुआती सहारा देना प्रारंभ किया।
पर वैज्ञानिक विषयों मे चल रही अधिक पूंजी लगात ने उसे मानविकी विषय पढ़ने पर मजबूर कर दिया।
बड़े भाई ने उसका दाखिला शहर के एक स्नातक विद्यालय में करवा दिया।
पर पढ़ाई में श्रीधर ठीक था उसे जितना वैज्ञानिक विषयों में रुचि थी उतनी ही मंद मंद मानविकी विषयों में भी हो गई 
स्नातक विद्यालय की छूट इंटरमीडिएट से बिल्कुल भिन्न होती है जहां लड़के आस पास के वातावरण इतने तेजी से परिवर्तित हो जाते हैं। वे खुद को बड़ा समझने लगते हैं, आगे समझने लगते हैं, इस परिवर्तनकारी समय में लड़के खुद किसी के प्रति आकर्षित होने से भी नहीं रोक पाते। जो उनके उम्र के मुताबित उनके चाल, ढाल, पहनावे, बोली भाषा, में परिवर्तन से साफ  दिखता है।


श्रीधर एक ग्रामीण लड़का था जो स्नातक की संक्रमणीय दुनिया में खोने के लिए बहुत नादान था। वह रोज अध्ययन करने विद्यालय आता। उसके मित्र भी कुछ ही दिनों के पश्चात् बन गए। वैसे देखा जाए तो आप जैसे होंगे आपको वैसे ही मित्र प्राप्त होते है जो अंग्रेजी के शब्द वाइब की तरह है जिससे मिलता है उसी से दोस्ती पक्की हो जाती है 
स्वाभाविक था शांत स्वभाव से ग्रसित श्रीधर के मित्र उसी की तरह थे पर जो समय समय आपने मंतव्य की झलक पेश किया करते थे।




                                 ❤️❤️❤️




तीसरा चरण जल्दी ही आपके लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।
मेरी कहानी अगर आपके जीवन के जुड़ रही है तो कृपया इसे आपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करे।

कहानी को ध्यान से पढ़ने के लिए धन्यवाद.......🙏


Wednesday, April 16, 2025

अधूरी ख्वाहिशें.💖[ (मिट्टी से उड़ान.💖)]

ख्वाहिशें एक व्यक्तिगत जीवन की वो आवश्यक उपकरणों में से है जो व्यक्ति को जीवन जीने के लिए मजबूर कर देती है। जीवन प्रत्यास्था में बिना ख्वाहिश के रहना एक जानवर के समान है इसी परिप्रेक्ष्य में हम आज एक बच्चे के जन जीवन में खुद की खुशियों से चल रही लड़ाई की चर्चा करेंगे।

                       (1)


श्रीधर कुमार नाम का एक बच्चा जो ग्रामीण पृष्ठभूमि में पैदा हुआ। तथा एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से तालुक रखने के नाते स्वाभाविक है कि वह संयुक्त पारिवारिक जन जीवन से जुड़े अंतर्संबंधों से परस्पर आसक्त था।
श्रीधर परिवार के परिवार में उसका एक बड़ा भाई और एक बड़ी बहन थी वह घर में सबसे छोटा होने के नाते उसे घर में सबसे ज्यादा लाड प्यार प्राप्त हुआ करता था।
उसके पिता पेसे से किसान थे। जो आपनी और घर की देख भाल उसी से किया करते थे 
एक ग्रामीण पृष्ठभूमि तथा संयुक्त पारिवारिक जन जीवन और किसानी परिस्थितियों के होने के नाते उसके घर में अमूमन धन की कमी होती थी पर इन सभी स्थितियों के बावजूद उसके पिता श्री रमन कुमार जी ने अपने बड़े पुत्र और पुत्री की शिक्षा में कोई कमी नहीं होने दी 
समय के साथ श्री रमन कुमार जी की आयु बढ़ने के साथ साथ काम करने में सक्षमता की कमी होने लगी।
और अब छोटे बेटे की शिक्षा पर कोई असर न पहुंचे इसलिए भाई श्री बेनी कुमार उसकी शिक्षा का दायित्व संभाला 
अभी श्रीधर 12वी कक्षा में सफल हुआ ही था।



                              ❤️❤️❤️  



कहानी के द्वितीय चरण को आगे भाग में दिखाएंगे। आप अपनी दिव्य दृष्टि मेरे कहानियों पर बनाए रखे...............🙏

आपका मेरी कहानी पढ़ने के लिए ध्यानवाद......❤️🙏👍


Tuesday, March 18, 2025

Love marriage in villages ❤️

 Rural life where even today all actions are defined from the perspective of society, tradition and culture. And any action done contrary to this is considered immoral and trivial in the village. So why not understand the phenomenon of love marriage.

(1) Traditional thinking

(2) Caste system

(3) Economic and social pressure

(4) Family pressure

There are some important reasons which prevent love marriage in the village

Monday, March 17, 2025

Story of villagers boy part-5

एक ग्रामीण बच्चे का जीवन समाज💝, पढ़ाई🧑‍✈️, प्रेम❤️ तथा पारिवारिक जिम्मेदारी के तले दबते हुए खुद की खुशियों को भूल ही जाता है।
एक ग्रामीण बच्चा जो परिवार की जिम्मेदारी की वजह से वह कर देता है जो वह कभी करना नहीं चाहता है। जिसे वह मजबूरी नाम दे देता है....😔

घर से दूर रहना 💔

अधिकांश ग्रामीण बच्चे का जीवन आर्थिक परिस्थितियों के कारण समस्याएं झेलता है इन्हीं की वजह से उसे घर से दूर पलायन करना पड़ता है 
पैसे के नाते उसको दूर जले वह काम करना पड़ता है जो वह कभी नहीं करना चाहता।


खुद भोजन पकाना खुद आपने सभी कार्य करना मन तो नहीं करता पर करना पड़ता है 

परिस्थितियों का मारा 

ग्रामीण बच्चे का जीवन का घर से दूर रह कर भी परेशान रहता है और घर पर रह कर भी परेशान करता है घर पर उसे वह सभी कार्य करने पड़ते है तथा पूरे परिवार का भार लेके चलना पड़ता है 


 इन सभी स्थितियों के बाद भी ग्रामीण बच्चे का जीवन इस परिस्थितियों को चकरी में घूमता घूमता रह जाता है 
ना वह परिवार को खुश कर पाता है 
ना वह खुद खुश रह पाता है 

Saturday, March 8, 2025

ग्रामीण जनजीवन में प्रेमविवाह ❤️

 ग्रामीण जनजीवन जहां आज भी सभी कार्य समाज, संस्कार तथा संस्कृति के नजरिए से परिभाषित होते हैं। तथा इसके विपरीत किए गए किसी भी कार्य को गांव में अनैतिक व तुक्छ समझा जाता है। तो प्रेमविवाह जैसी परिघटना को क्यों न समझेंगे।

(1)परम्परागत सोच

(2) जाति प्रथा 

(3) आर्थिक व सामाजिक दबाव 

(4) खानदान की दबाव 

ये कुछ महत्वपूर्ण कारण है जो गांव में प्रेम विवाह को रोकते हैं।

Tuesday, March 4, 2025

Story of villagers boy (part-4)

 तीसरे चरण में हमने गांव के बच्चों के जीवन के कुछ महत्वपूर्ण कार्यों तथा उनके साथ होने वाली स्थिति का को देखा था। आज हम उसी महत्वपूर्ण स्थिति को आगे बढ़ाएंगे और उनके जनजीवन के साथ होने वाली क्रिया प्रतिक्रिया की बात करेंगे।

Brackup या विक्षेद 💔




गांव के लड़कों में ब्रेकअप जैसे कार्य शहरों के मुकाबले कम देखने को मिलते हैं। हा इसकी कुछ महत्वपूर्ण वजह भी जैसे गांव, मुहल्ले या अपने आस पास के क्षेत्र में ही प्रेम होना 
शहरों में जहां एक लड़के या लड़की का ब्रेकअप होता रहता है वहीं गांव में इतना तेजी से नहीं होता है 

सादी तक पहुंच 🤵❤️👰




शहरों में जहां आधुनिकता तेजी से फैल रही है वहीं गांव भी इससे बिल्कुल अछूते नहीं है गांव में लव मैरेज तेजी बढ़ता हुआ नजर आ रहा है हालांकि अभी भी गांव में लव मैरेज को लोग पौनी नजर से देखते हैं
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर लड़का गांव से बाहर दूर कही प्रेम कर बैठता है तो उसे गांव में कोई ज्यादा समस्या नहीं होती है जितनी कि गांव में प्रेम करने वाले को होती है।

अंत तक साथ देना 🤝





हालांकि गांव का प्रेम शहरों के प्रेम से कम हो पाता है परंतु ये सत्य है कि सफल होने के बाद ये अंत तक साथ रहता है
और एक दूसरे का साथ अंत तक देते हैं।

आज के इस पार्ट में बस इतना ही आगे हम गांव के love मैरेज ❤️ की बात करेंगे।